(विशेष संवाददाता)
इंदौर/शिलॉन्ग। इंदौर के चर्चित ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी को मेघालय की शिलॉन्ग अदालत से जमानत मिल गई है। सोनम लंबे समय से शिलॉन्ग जेल में न्यायिक हिरासत में बंद थी। अदालत ने जमानत आवेदन पर सुनवाई के बाद उसे राहत दी है। इस आदेश के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी होने पर उसकी रिहाई का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
राजा रघुवंशी हत्याकांड ने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया था। शादी के कुछ दिनों बाद मेघालय घूमने गए दंपती में पति राजा रघुवंशी का शव खाई में मिलने के बाद मामला हत्या में बदल गया था। जांच में पत्नी सोनम पर साजिश रचने के आरोप लगे थे।
हनीमून ट्रिप के दौरान हुई थी वारदात
जानकारी के अनुसार, इंदौर निवासी राजा रघुवंशी ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े थे। मई 2025 में उनकी शादी सोनम रघुवंशी से हुई थी। विवाह के कुछ समय बाद दोनों हनीमून मनाने मेघालय गए थे। वहां दोनों के लापता होने की खबर आई थी। बाद में सोहरा (चेरापूंजी) क्षेत्र के पास एक गहरी खाई से राजा का शव बरामद हुआ था।
जांच में प्रेम प्रसंग और साजिश की बात
मेघालय पुलिस की जांच में दावा किया गया कि सोनम रघुवंशी ने अपने कथित प्रेमी राज कुशवाहा और अन्य लोगों के साथ मिलकर पति की हत्या की योजना बनाई थी। पुलिस के अनुसार, हत्या को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई थी।
जांच के बाद पुलिस ने सोनम रघुवंशी, राज कुशवाहा समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। सोनम को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से हिरासत में लिया गया था।
किन आरोपियों को मिल चुकी है जमानत
मामले में गिरफ्तार कुछ सह-आरोपियों को अदालत से पूर्व में जमानत मिल चुकी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार विशाल चौहान, आकाश यादव, आनंद कुर्मी कुछ अन्य सहयोगियों को भी अलग-अलग चरणों में राहत दी गई बताई गई है।
कौन अब भी जेल में
ताजा स्थिति के अनुसार मुख्य आरोपी राज कुशवाहा न्यायिक हिरासत में जेल में बताया जा रहा है। सोनम रघुवंशी को अब जमानत मिलने के बाद रिहाई प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यदि किसी अन्य आरोपी की जमानत लंबित है तो उस पर अलग से सुनवाई होगी।
चौथी सुनवाई में मिली सोनम को राहत
सोनम रघुवंशी द्वारा पहले भी जमानत आवेदन दायर किए गए थे, जिन्हें अदालत ने खारिज किया था। चौथी सुनवाई में अदालत ने उसे राहत प्रदान की। हालांकि विस्तृत आदेश अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है। जमानत किन शर्तों पर दी गई है, यह आदेश प्रति आने के बाद स्पष्ट होगा।

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