फर्जी सिम नेटवर्क पर MP पुलिस का शिकंजा, कई जिलों में कार्रवाई

 



(शेख फिरोज)

भोपाल। साइबर अपराधों में इस्तेमाल होने वाले फर्जी सिम कार्ड की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस ने ऑपरेशन FAST 2.0 के तहत विभिन्न जिलों में कार्रवाई तेज कर दी है। फर्जी दस्तावेज, आधार कार्ड, फोटो और बायोमेट्रिक का दुरुपयोग कर सिम जारी कराने वाले POS एजेंटों और नेटवर्क से जुड़े आरोपियों पर प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तारियां की गई हैं।
ग्वालियर में फर्जी सिम जारी करने के मामले में 9 प्रकरण दर्ज किए गए। जांच में इन सिम का संबंध करीब 12.20 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड से सामने आया है।


इंदौर में 151 संदिग्ध सिम की पहचान हुई, जिनका इस्तेमाल 212 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों में पाया गया। वहीं राज्य साइबर सेल, जोन इंदौर ने ग्राहकों के आधार पर अपने फोटो लगाकर 101 सिम फर्जी तरीके से एक्टिवेट करने वाले POS एजेंट को गिरफ्तार किया।


छतरपुर में 3, सतना में 2, टीकमगढ़ में 5 और कटनी में फर्जी सिम नेटवर्क से जुड़े आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। कटनी में एक आरोपी के कब्जे से 98 सिम, बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट मशीन और 3 मोबाइल फोन बरामद किए गए। कुठला पुलिस ने भी 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया।


झाबुआ में 3 POS संचालकों/एजेंटों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए गए, जबकि एक आरोपी गिरफ्तार हुआ।

पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया है कि कई मामलों में ग्राहकों के KYC दस्तावेज और बायोमेट्रिक का दुरुपयोग कर सिम जारी कर उन्हें साइबर अपराधियों तक पहुंचाया गया। पुलिस अब इन सिम के स्रोत और साइबर अपराधों से जुड़े नेटवर्क की तकनीकी जांच कर रही है।

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि e-KYC और बायोमेट्रिक प्रक्रिया के दौरान सावधानी बरतें, OTP स्वयं सत्यापित करें और अपने नाम पर जारी मोबाइल नंबरों की समय-समय पर जांच करें। पहचान संबंधी दस्तावेज या बायोमेट्रिक जानकारी किसी अनधिकृत व्यक्ति को न दें।


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ