राशन दुकानों पर दोहरी कार्रवाई? कहीं 24 घंटे में FIR, कहीं 7 माह बाद मामूली जुर्माना

 



(फिरदोस अंसारी)


भोपाल। मध्यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2015 के तहत उचित मूल्य दुकानों (राशन दुकानों) में स्टॉक, वितरण और रिकॉर्ड में गड़बड़ी पाए जाने पर लाइसेंस निलंबन, निरस्तीकरण, वसूली तथा आपराधिक कार्रवाई का स्पष्ट प्रावधान है। इसके बावजूद भोपाल खाद्य विभाग के अलग-अलग मामलों में कार्रवाई के भिन्न मापदंड सामने आने से विभागीय निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।
कहीं निरीक्षण के 24 घंटे के भीतर एफआईआर दर्ज करा दी गई, तो कहीं गंभीर स्टॉक कमी मिलने के बावजूद महीनों तक कार्रवाई लंबित रही और अंततः मामूली दंड लगाकर मामला समाप्त कर दिया गया।


क्या कहते हैं नियम

मध्यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2015 के अनुसार राशन दुकान संचालक की जिम्मेदारियाँ हैं:
स्टॉक रजिस्टर और मशीन रिकॉर्ड सही रखना, भौतिक स्टॉक और ऑनलाइन रिकॉर्ड का मिलान रखना, पात्र हितग्राहियों को समय पर राशन वितरण करना, सूचना बोर्ड, दर सूची एवं आवश्यक दस्तावेज प्रदर्शित करना, शासकीय खाद्यान्न की हेराफेरी न करना.


अनियमितता पाए जाने पर संभावित कार्रवाई
प्राधिकरण पत्र निलंबन / निरस्तीकरण, दुकान संचालन से पृथक करना, शासकीय राशि की वसूली,प्रतिभूति राशि राजसात, एफआईआर / आपराधिक प्रकरण दर्ज करना।

प्रकरण नंबर एक- 24 घंटे में FIR, बाद में पूरक प्रतिवेदन

सबसे चर्चित मामला दुकान कोड 2803134 का बताया जा रहा है। इस दुकान का निरीक्षण 20 फरवरी 2024 को हुआ। जांच में गड़बड़ी मिलने के बाद अगले ही दिन अवधपुरी थाना भोपाल में एफआईआर दर्ज करा दी गई। चौंकाने वाली बात यह रही कि जिस मामले में तत्काल एफआईआर हुई, उसका अनुपूरक प्रतिवेदन लगभग तीन माह बाद 21 मई 2024 को प्रस्तुत किया गया।

इस प्रकरण में तत्काल को गई कार्रवाई

लाइसेंस निरस्त, ₹1,50,030 वसूली,₹5000 प्रतिभूति राजसात, विक्रेता संचालन से पृथक
एफआईआर दर्ज।
( विभाग ने इसे गंभीर एवं आपराधिक प्रकृति का मामला माना)


प्रकरण नंबर दो- 12.66 क्विंटल गेहूं कम, फिर भी नरमी?
दूसरा मामला दुकान कोड 2803122 का है। इस दुकान की जांच 26 जून 2025 को हुई, जिसमें रिकॉर्ड अनुसार, 12.66 क्विंटल गेहूं कम और 4.61 क्विंटल चावल अधिक पाया गया।

इतनी गंभीर स्टॉक विसंगति मिलने के बावजूद
दुकान तत्काल निलंबित नहीं हुई, एफआईआर दर्ज नहीं हुई, तत्काल वसूली नहीं हुई
लगभग 20 दिन बाद कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और सबसे बड़ा सवाल यह कि जांच के लगभग 7 माह बाद मामूली दंड लगाकर मामला समाप्त कर दिया गया।

गंभीर लापरवाई पर मामूली कार्रवाई

मात्र ₹5000 दंड, दुकान संचालन जारी, लाइसेंस सुरक्षित। आदेश में यह भी दर्ज किया गया कि “उत्तर पूर्णतः संतोषजनक नहीं पाया गया।” इसके बावजूद कठोर कार्रवाई नहीं होना सवाल खड़े करता है।


अन्य मामलों में लाखों की वसूली


दुकान कोड 2803150
गेहूं 151.42 क्विंटल कम
चावल 42.05 क्विंटल कम
₹6,22,460 वसूली
दुकान निलंबित

दुकान कोड 2803114
गेहूं 249.15 क्विंटल कम
चावल 115.36 क्विंटल कम
नमक, शक्कर भी कम
₹12,20,535 वसूली
दुकान निरस्त

दुकान कोड 2803101
गेहूं 200.26 क्विंटल कम
चावल 150 क्विंटल कम
₹12,00,780 वसूली
दुकान निरस्त

-इनका कहना-
आपके द्वारा बताये गये प्रकरणो मे फ़ाइल देख कर ही कुछ बता पाएंगे। यदि किसी मामले मे गड़बड़ी हुई है तो पुनः विवेचना कर कार्यवाई की जाएगी।
(
चंद्रभान सिंह जादौन, जिला आपूर्ति नियंत्रक, भोपाल)

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