(अपराध संवाददाता)
भोपाल/श्योपुर। मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में सामने आए बाल तस्करी रैकेट मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने सोमवार को इंदौर के महालक्ष्मी नगर क्षेत्र में दबिश देकर करीब तीन वर्षीय बच्ची को मुक्त कराया, जिसे कथित रूप से गैर-कानूनी तरीके से गोद लिया गया था। इस मामले में अब तक कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए जांच तेज कर दी गई है।
इंदौर से बरामद हुई तीन साल की बच्ची
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बच्ची इंदौर की ब्यूटी पार्लर संचालिका नीता जैन के पास मिली। पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि वह एक बेटी चाहती थी और करीब डेढ़ साल पहले अवैध माध्यम से बच्ची को हासिल किया था।
रेस्क्यू की गई बच्ची को तत्काल चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) इंदौर को सौंप दिया गया है।
जैविक माता-पिता की तलाश शुरू
जांच में खुलासा हुआ है कि पहली और दूसरी दोनों बच्चियां खरगोन जिले के गांवों की हैं। पुलिस ने दोनों बच्चियों के असली माता-पिता की पहचान के लिए विशेष टीम रवाना की है।
गिरोह का नेटवर्क उजागर
मामले की तह तक पहुंचते हुए पुलिस ने अब तक नीता जैन, उसके पति वैभव जैन, तथा खरगोन और धार जिले की दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जो कथित रूप से बच्चों की खरीद-फरोख्त में बिचौलिये की भूमिका निभा रही थीं।
वहीं, पहले गिरफ्तार आरोपी आकाश मुंद्रा और उसकी पत्नी कृतिका को 11 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों से पुलिस रिमांड पर पूछताछ जारी है।
ASP बोले- पूरे नेटवर्क को तोड़ेंगे
श्योपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीण भूरिया ने बताया कि बाल तस्करी के पूरे नेटवर्क को खत्म करने और बच्चों के जैविक परिवारों तक पहुंचने के लिए हर पहलू से जांच की जा रही है।
कैसे खुला सनसनीखेज मामला
यह पूरा मामला 18 अप्रैल को सामने आया था, जब सोई कलां थाना क्षेत्र अंतर्गत नेशनल हाईवे-552 पर एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में मिली थी। सूचना पर पुलिस ने तत्काल बच्ची को सुरक्षित कर CWC को सौंप दिया।
बाद में भोपाल के एक देखभालकर्ता ने सोशल मीडिया पर बच्ची की तस्वीर देखकर उसकी पहचान की और पुलिस को अहम जानकारी दी। इसी सुराग पर पुलिस ने राजगढ़ निवासी आकाश मुंद्रा और उसकी पत्नी कृतिका को भोपाल से गिरफ्तार किया।
पूछताछ में दंपति ने स्वीकार किया कि उन्होंने मात्र छह दिन की नवजात बच्ची को एक लाख रुपये में खरीदा था। बाद में बच्ची को प्रताड़ित किया गया और उसे “अपशकुन” मानते हुए हाईवे पर छोड़ दिया गया।

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