परिजनों ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह की जमानत निरस्त करने और दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम की उठाई मांग
(विशेष संवाददाता)
भोपाल। कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में रहने वाली मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। एक ओर ट्विशा के परिजनों ने जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत निरस्त करने तथा दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की है, वहीं दूसरी ओर आरोपी पति समर्थ सिंह ने अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है।
मां और बेटे के खिलाफ दर्ज है मामला
ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे पर लटकी मिली थीं। उनकी शादी दिसंबर 2025 में अधिवक्ता समर्थ सिंह से हुई थी। मामले में कटारा हिल्स पुलिस ने पति समर्थ सिंह और उसकी मां गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज प्रताड़ना, दहेज मृत्यु और साक्ष्य मिटाने सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।
मृतका के परिवार ने सुनियोजित हत्या का लगाया आरोप
परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ट्विशा को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। परिवार ने इसे आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या बताया है। मामले में वायरल चैट, वीडियो और कथित ऑडियो सामने आने के बाद विवाद और गहरा गया है।
आरोपी पति की तलाश जारी
भोपाल जिला अदालत पहले ही समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर चुकी है। अदालत ने प्रारंभिक साक्ष्यों और चैट के आधार पर माना था कि मामले में मुख्य आरोप समर्थ सिंह पर केंद्रित हैं। जमानत खारिज होने के बाद से समर्थ फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर इनाम राशि बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दी है और विभिन्न राज्यों में तलाश जारी है।
अग्रिम जमानत के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचा मामला
वहीं गिरिबाला सिंह को जिला अदालत से अग्रिम जमानत मिल गई थी, जिसके खिलाफ अब ट्विशा के परिजन हाईकोर्ट पहुंचे हैं। परिजनों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है, इसलिए दोबारा पोस्टमार्टम दिल्ली एम्स में कराया जाए।
इधर समर्थ सिंह की ओर से हाईकोर्ट में दायर याचिका में जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। उसके वकील ने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग भी रखी है। हालांकि हाईकोर्ट ने फिलहाल किसी पक्ष को राहत नहीं दी है और सुनवाई की अगली तारीख तय होना बाकी है।

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