(विशेष संवाददाता)
देवास। जिले की टोंकखुर्द तहसील अंतर्गत टप्पा चिड़ावद क्षेत्र में स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले में सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच में कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर अनियमितता पाए जाने का मामला सामने आने पर एसडीएम, नायब तहसीलदार और एसडीओपी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
लापरवाही सिद्ध होते ही अधिकारियों पर गिरी गाज
उज्जैन संभाग आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, टोंकखुर्द तहसील के टप्पा चिड़ावद में पदस्थ नायब तहसीलदार रवि शर्मा पर विस्फोटक सामग्री से जुड़े प्रतिष्ठानों के निरीक्षण में गंभीर लापरवाही के आरोप सिद्ध पाए गए हैं। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप नियमित जांच और निगरानी नहीं किए जाने के कारण यह घटना घटित हुई। उन्हें मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियमों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए निलंबन अवधि में कलेक्टर कार्यालय देवास अटैच किया गया है।
स्थल निरीक्षण नहीं करने पर एसडीओपी निलंबित
वहीं गृह विभाग द्वारा जारी अलग आदेश में सोनकच्छ की एसडीओपी दीपा मांडे को भी निलंबित कर दिया गया है। शासन के अनुसार, फैक्ट्री संचालन के संबंध में समय-समय पर जारी निर्देशों के बावजूद उन्होंने स्थल निरीक्षण नहीं किया और न ही वरिष्ठ अधिकारियों को कोई प्रतिवेदन भेजा। इसे कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही और उदासीनता मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय पुलिस मुख्यालय भोपाल निर्धारित किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, देवास के एसडीएम पर भी कार्रवाई की गई है और उन्हें निलंबित किया गया है, हालांकि इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी होना शेष बताया जा रहा है।
गौरतलब है कि पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में सुरक्षा मानकों की अनदेखी, विस्फोटक सामग्री के अनुचित भंडारण और लाइसेंस शर्तों के उल्लंघन जैसी गंभीर लापरवाहियां सामने आई हैं। प्रशासनिक स्तर पर नियमित निरीक्षण नहीं होने और निगरानी तंत्र की विफलता को इस हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने फैक्ट्री संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। साथ ही जिले में संचालित अन्य पटाखा फैक्ट्रियों और विस्फोटक इकाइयों की व्यापक जांच अभियान चलाए जाने के संकेत दिए गए हैं।

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