वायरल चैट से भी उठ रहे गांभीर सवाल
(फिरदोस अंसारी)
भोपाल। नोएडा की रहने वाली मॉडल और पूर्व मिस पुणे ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब वायरल चैट, AIIMS की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और CCTV फुटेज सामने आने के बाद और गंभीर हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई चैट में ट्विशा ने अपनी बहन और पिता से कहा था “देखते हैं, ये सब कहां तक करेगा… उम्मीद है सब ठीक हो जाएगा पापा… लेकिन मैं हर चीज के लिए तैयार हूं।” वहीं मां को भेजे एक अन्य संदेश में उसने कथित तौर पर लिखा “मां, मुझे यहां से ले जाओ प्लीज… मेरी जिंदगी नरक हो गई है।” दूसरी ओर भोपाल AIIMS की प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी से मौत की पुष्टि के साथ शरीर पर कई चोटों के निशान मिलने का उल्लेख किया गया है, जिससे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के आरोप
12 मई को कटारा हिल्स स्थित ससुराल में ट्विशा मृत मिली थीं। उनकी शादी दिसंबर 2025 में भोपाल के वकील समर्थ सिंह से हुई थी। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही ट्विशा को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। परिवार का दावा है कि घटना से पहले ट्विशा लगातार तनाव में थी और उसने कई बार मदद की गुहार लगाई थी।
I am trapped bro…(वायरल चैट)
मामले में सामने आई चैट्स में ट्विशा ने एक दोस्त को कथित तौर पर लिखा—“I am trapped bro… बस तू मत फंसना।” इन संदेशों के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर मामले को लेकर व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। हालांकि समर्थ सिंह के परिवार ने इन चैट्स को भ्रामक और एडिटेड बताया है।
शरीर पर मिले चोटों के निशान
AIIMS भोपाल की प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार ट्विशा की मौत “एंटीमॉर्टम हैंगिंग” से हुई है। रिपोर्ट में शरीर पर कई “एंटीमॉर्टम इंजरी” यानी मृत्यु से पहले लगी चोटों का भी उल्लेख किया गया है। विसरा, ब्लड सैंपल और नेल क्लिपिंग जांच के लिए सुरक्षित रखे गए हैं। परिजनों का कहना है कि शरीर पर मौजूद चोटें केवल आत्महत्या की कहानी से मेल नहीं खातीं। इसी आधार पर परिवार ने दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमार्टम और CBI जांच की मांग उठाई है।
फुटेज मे अकेले छत पर जाती दिखी ट्विशा
जांच के दौरान एक CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें ट्विशा घटना से पहले अकेले छत की ओर जाती दिखाई दे रही है। पुलिस इसे जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा मान रही है। वहीं परिवार का आरोप है कि कई महत्वपूर्ण सबूत पोस्टमार्टम के दौरान AIIMS को उपलब्ध नहीं कराए गए।

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