देवास पुलिस का बड़ा खुलासा, 50 लाख रुपये की संपत्ति जब्त; चोरी के मामले में जीआरपी इटारसी ने भी पकड़ा शातिर आरोपी
(शेख फ़िरोज़)
देवास/भोपाल। भागवत कथा, मेले और धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालु बनकर महिलाओं के बीच घुल-मिल जाना, भीड़ और आरती का फायदा उठाकर गले से सोने की चेन पार कर देना और फिर कुछ ही देर में दूसरे शहर के लिए रवाना हो जाना, यही इस अंतरराज्यीय गिरोह का तरीका था। तमिलनाडु मूल के गिरोह की महिला सदस्य चोरी की वारदात को अंजाम देती थीं, जबकि पुरुष सदस्य निगरानी, परिवहन और चोरी के माल को ठिकाने लगाने का काम संभालते थे। देवास पुलिस ने ऑपरेशन 'त्रिनेत्रम' के तहत गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर करीब 50 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है।
मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत देवास पुलिस और जीआरपी इटारसी को बड़ी सफलता मिली है। एक ओर देवास पुलिस ने अंतरराज्यीय चेन स्नैचिंग गिरोह का पर्दाफाश किया है, वहीं दूसरी ओर जीआरपी इटारसी ने ट्रेन में चोरी करने वाले शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर लाखों रुपये का चोरी गया माल बरामद किया है।
15 दिनों में 9 वारदातें, तीन दिन में पूरा गिरोह गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार गिरोह ने पिछले 15 दिनों में आगरा, ग्वालियर, शिवपुरी, भेड़ाघाट (जबलपुर) और देवास में कुल नौ चेन चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था। देवास में 10 जून को हुई वारदात के बाद पुलिस ने विशेष जांच शुरू की और मात्र तीन दिनों के भीतर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई नौ सोने की चेन, जिनका कुल वजन करीब 156 ग्राम है, बरामद की गई हैं। इसके अलावा वारदात में प्रयुक्त टाटा हेक्सा कार, छह महंगे मोबाइल फोन और नकदी भी जब्त की गई है। बरामद संपत्ति का कुल मूल्य लगभग 50 लाख रुपये बताया गया है।
भागवत कथा में हुई चोरी से खुला मामला
देवास निवासी 60 वर्षीय सरोज अग्रवाल ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि एबी रोड स्थित मंडी व्यापारी एसोसिएशन धर्मशाला में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान उनके गले से करीब साढ़े तीन लाख रुपये मूल्य की सोने की चेन और पेंडेंट चोरी हो गया था।
शिकायत के बाद पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोत के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। ऑपरेशन 'त्रिनेत्रम' के तहत शहरभर के सीसीटीवी कैमरों के सैकड़ों फुटेज खंगाले गए। तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र की सहायता से पुलिस आरोपियों तक पहुंची और विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
महिलाओं की टोली करती थी चोरी, पुरुष देते थे सुरक्षा
पुलिस जांच में सामने आया कि सभी आरोपी मूल रूप से तमिलनाडु के निवासी हैं और लंबे समय से दक्षिण दिल्ली में रह रहे थे। गिरोह की महिला सदस्य भागवत कथा, प्रवचन, मेले, शोभायात्रा और अन्य धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालु बनकर शामिल होती थीं। भीड़भाड़ और धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान वे महिलाओं के गले से बड़ी सफाई से सोने की चेन निकाल लेती थीं।
वारदात के दौरान पुरुष सदस्य आसपास निगरानी रखते थे, फरार होने की व्यवस्था करते थे और चोरी के माल को ठिकाने लगाने का काम संभालते थे। पुलिस का मानना है कि गिरोह कई राज्यों में सक्रिय था और अन्य वारदातों के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है।
राजधानी एक्सप्रेस में चोरी करने वाला आरोपी भी गिरफ्त में
उधर, शासकीय रेल पुलिस के विशेष अभियान के तहत जीआरपी थाना इटारसी ने राजधानी एक्सप्रेस में हुई चोरी के मामले का खुलासा किया है।
6 मई को कर्नाटक निवासी एक यात्री के परिवार का कीमती सामान चोरी होने की शिकायत पर जांच के दौरान भोपाल, रानी कमलापति और इटारसी रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज तथा साइबर तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। जांच के दौरान पहले एक आरोपी से चोरी गया मोबाइल बरामद किया गया। इसके बाद मुख्य आरोपी को भोपाल से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने ट्रेन में चोरी की वारदात करना स्वीकार किया।
8.52 लाख रुपये का माल बरामद
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 54.3 ग्राम वजन का सोने का मंगलसूत्र, एक मोबाइल फोन, एक सैमसंग टैबलेट सहित लगभग 8 लाख 52 हजार रुपये मूल्य की संपत्ति बरामद की है।

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