(शहर संवाददाता )
भोपाल। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए कोहेफिजा थाना प्रभारी के.जी. शुक्ला पर 50 हजार रुपये तथा प्रधान आरक्षक रामभरत सुमन पर 5 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया है। यह कार्रवाई कुख्यात हिस्ट्रीशीटर यासीन मलिक, जो दिवंगत गैंगस्टर मुख्तार मलिक का पुत्र है, से जुड़े मामले में कथित लापरवाही बरतने के आरोप में की गई।
आरोप है कि यासीन मलिक ने 19 मई को, जिला बदर आदेश के प्रभाव में रहते हुए, रेगालिया हाइट्स अपार्टमेंट में रहवासियों पर हमला किया और वहां खड़े वाहनों में तोड़फोड़ की। सूत्रों के अनुसार, घटना 19 मई को हुई थी, लेकिन इस संबंध में एफआईआर 25 मई को दर्ज की गई, जिससे पुलिस कार्रवाई में देरी को लेकर सवाल उठे।
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस कमिश्नर ने उन आरोपों को गंभीरता से लिया, जिनमें कहा गया था कि थाना प्रभारी ने आरोपी को संरक्षण दिया और उसके ठिकाने की जानकारी मिलने के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं की।
जानकारी के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब पुलिस के एक मुखबिर ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की कि उसने थाना प्रभारी के.जी. शुक्ला को यासीन मलिक के ठिकाने की सूचना दी थी, लेकिन उन्होंने कार्रवाई करने के बजाय उस सूचना को नजरअंदाज कर दिया। शिकायत के बाद पुलिस कमिश्नर की कड़ी फटकार के पश्चात कोहेफिजा पुलिस ने यासीन मलिक को जिला बदर आदेश के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

0 टिप्पणियाँ