ऐशबाग डबल मर्डर का खुलासा: फर्जी दानपत्र के जरिए दो करोड़ की संपत्ति हड़पने की साजिश, दो सगे भाई गिरफ्तार

 



(शहर संवाददाता)


भोपाल। राजधानी के ऐशबाग थाना क्षेत्र के ओल्ड सुभाष नगर में हुए चर्चित डबल मर्डर का जोन-01 पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने खुलासा करते हुए दो सगे भाइयों श्रीकांत चिचलिया और शशीकांत चिचलिया को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, रिटायर्ड दंपति हेमंत फिलेमोन और उनकी पत्नी शकुंतला फिलेमोन की हत्या करीब दो करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति पर कब्जा करने की नीयत से की गई।

पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने पहले मृतक दंपति का मकान छलपूर्वक और धोखाधड़ी से दानपत्र (Gift Deed) के माध्यम से अपने नाम कराया। इसके बाद संपत्ति पर पूर्ण कब्जा पाने के उद्देश्य से योजनाबद्ध तरीके से हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया।


दस्तावेजों से ही जांच की दिशा बदली

इस हत्याकांड के शुरुआती दिनों से ही पुलिस की जांच केवल हत्या तक सीमित नहीं रही। विवेचना के दौरान दंपति के संपत्ति संबंधी दस्तावेज, दानपत्र, रजिस्ट्री रिकॉर्ड और अन्य कागजात की जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। इन्हीं दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद जांच की दिशा संपत्ति विवाद और कथित फर्जी दानपत्र की ओर मुड़ी। बाद में तकनीकी साक्ष्य, सीडीआर, डिजिटल डेटा और पूछताछ से पुलिस ने इस संदेह को मजबूत किया।


1500 से अधिक CCTV फुटेज और वैज्ञानिक जांच से खुला राज

घटना की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। पुलिस ने 1500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज, 100 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ, सैकड़ों मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), लोकेशन विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्य और मुखबिर तंत्र से प्राप्त सूचनाओं का विश्लेषण किया। विभिन्न जिलों में दबिश देने के बाद दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया।

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के सामने वे अधिक देर तक अपने बयान पर कायम नहीं रह सके। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों ने हत्या की साजिश और घटना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।


दुर्गंध आने पर हुआ था हत्या का खुलासा

ओल्ड सुभाष नगर स्थित मकान क्रमांक बी-35/2 से दुर्गंध आने पर दूसरी मंजिल पर रहने वाले किरायेदार ने डायल-112 और थाना ऐशबाग पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो हेमंत फिलेमोन पलंग पर और शकुंतला फिलेमोन बैठक कक्ष के सोफे पर मृत मिले। घटनास्थल से कारतूस के खाली खोखे, गोली (बुलेट) और अन्य भौतिक साक्ष्य जब्त किए गए। एफएसएल और डॉग स्क्वॉड ने भी मौके का वैज्ञानिक परीक्षण किया।


हत्या में किस हथियार का इस्तेमाल हुआ..?

पोस्टमार्टम और एफएसएल जांच में यह स्पष्ट हुआ कि दंपति की करीब से गोली मारकर हत्या की गई थी। घटनास्थल से मिले खाली खोखों और बुलेट के आधार पर पुलिस ने शुरू से ही इसे    गोली मारकर हत्या की सुनियोजित हत्या माना।

हालांकि, पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त हथियार (पिस्टल/देशी कट्टा आदि) की बरामदगी का उल्लेख नहीं किया गया है। इसलिए आधिकारिक रूप से यह नहीं कहा जा सकता कि हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद हो चुका है।


गिरफ्तार आरोपी

1. श्रीकांत चिचलिया (40 वर्ष)

- पिता : स्व. चन्द्रकांत चिचलिया
- निवासी : बिडसर पाम कॉलोनी, कजली खेड़ा, भोपाल
- व्यवसाय : प्रॉपर्टी ब्रोकर

2. शशीकांत चिचलिया (35 वर्ष)

- पिता : स्व. चन्द्रकांत चिचलिया
- निवासी : बिडसर पाम कॉलोनी, कजली खेड़ा, भोपाल
- फिजियोथेरिपिस्ट का छात्र


अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी

पुलिस के अनुसार, इस मामले में अन्य व्यक्तियों की भूमिका भी संदिग्ध है। फर्जी दानपत्र तैयार कराने, दस्तावेजी प्रक्रिया और हत्या की साजिश में किसी अन्य की संलिप्तता की गहन जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।


50 हजार रुपये का इनाम घोषित था

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिदेशक द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी पर ₹50 हजार का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक जांच, तकनीकी साक्ष्य और लगातार की गई विवेचना के आधार पर इस चर्चित अंधे दोहरे हत्याकांड का सफल खुलासा किया गया।

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