(विशेष संवाददाता)
जबलपुर। मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयोग ने सूचना का अधिकार (RTI) कानून के तहत जानकारी देने में लापरवाही बरतने पर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। आयोग ने जबलपुर के एक मामले में तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) और तत्कालीन थाना प्रभारी (TI) पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
यह था मामला
यह मामला गोरखपुर थाना क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसे करीब 24 घंटे तक थाने में बैठाकर रखा गया था। इसके बाद उसने RTI के तहत इस मामले से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और अन्य दस्तावेजों की जानकारी मांगी थी।
तय समय में नहीं दी गई जानकारी
आयोग की सुनवाई में सामने आया कि पुलिस विभाग ने तय समय में जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। कई बार मौका मिलने के बावजूद सूचना देने में देरी की गई और नियमों का पालन नहीं किया गया।
तत्कालीन ASP और थाना प्रभारी पर 25-25 हजार रुपये
इसी को गंभीर मानते हुए राज्य सूचना आयोग ने तत्कालीन ASP और थाना प्रभारी पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश दिया। आयोग ने यह भी कहा कि आवेदक को मांगी गई सूचना नियमानुसार उपलब्ध कराई जाए।
आयोग का सख्त रुख
आयोग ने पुलिस मुख्यालय को भी निर्देश दिए हैं कि RTI कानून का पालन सख्ती से कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी नागरिक को सूचना पाने के अधिकार से वंचित न होना पड़े।
गौरतलब है कि सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत सरकारी विभागों को निर्धारित समय सीमा में जानकारी देना अनिवार्य है। बिना उचित कारण सूचना देने में देरी या जानकारी छिपाने पर संबंधित अधिकारी पर अधिकतम 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

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