रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल की हत्या का खुलासा, केयरटेकर वरुण आगरा से गिरफ्तार; डांट से नाराज होकर की थी हत्या

 


(अपराध संवाददाता)

भोपाल। रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस ने करीब एक महीने से फरार चल रहे मुख्य आरोपी वरुण कुमार वाल्मीकि को उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती पुलिस पूछताछ में हत्या की वजह अधिकारी की डांट से उपजी नाराजगी बताई गई है। मीडिया रिपोर्टों में पुलिस के हवाले से बताया गया है कि अग्रवाल द्वारा फटकार लगाए जाने से आरोपी नाराज था। गिरफ्तारी के बाद भोपाल लाते समय आरोपी ने पुलिस हिरासत से भागने और पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनने का प्रयास किया। इस दौरान हुई झड़प में उसके पैर में गोली लगी।


घर में केयरटेकर बनकर आया था आरोपी


पुलिस के अनुसार, 70 वर्षीय राकेश अग्रवाल भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र स्थित सूरज नगर में रहते थे। 29 और 30 सितंबर की दरमियानी रात उनके घर में उनकी हत्या कर दी गई थी। उनका गला धारदार हथियार से काटा गया था। आरोपी वरुण कुमार वर्मा होम हेल्थ केयर एवं हाउसकीपिंग एजेंसी के माध्यम से केयरटेकर के रूप में उनके घर पर काम करने आया था। वह घटना के बाद फरार हो गया था।

जांच में सामने आया कि आरोपी 30 सितंबर की रात करीब 2:30 बजे घर से निकला और सुबह 4:12 बजे भोपाल रेलवे स्टेशन से केरल एक्सप्रेस में सवार होकर फरार हो गया। इसके बाद पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।


आगरा-मथुरा मार्ग पर कचरे का बैग लेकर घूमता मिला


पुलिस की क्राइम ब्रांच, जोन-1 और एसआईटी की टीमों ने एक महीने से अधिक समय तक आरोपी की तलाश की। पुलिस को आगरा में उसके देखे जाने की विश्वसनीय सूचना मिली। इसके बाद टीमों ने आगरा-मथुरा मार्ग पर घेराबंदी की। इसी दौरान आरोपी हाथ में कचरे का बैग लेकर जाता दिखाई दिया। पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए घेराबंदी की और भागने के प्रयास के बावजूद गिरफ्तार कर लिया।


भोपाल लाते समय पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश


पुलिस के मुताबिक, आरोपी को आगरा से भोपाल लाया जा रहा था। मुगलिया छाप के पास उसने पुलिसकर्मी की सर्विस पिस्टल छीनने और हिरासत से भागने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस टीम के साथ उसकी झड़प हुई। पुलिस की कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को उपचार के लिए हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया।


नौ राज्यों में तलाश, 2500 से अधिक कैमरों के फुटेज खंगाले


आरोपी की गिरफ्तारी के लिए भोपाल पुलिस ने मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, दिल्ली, उत्तराखंड और कर्नाटक सहित नौ राज्यों में तलाश की। पुलिस टीमों ने 2500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। आरोपी के रिश्तेदारों, दोस्तों और पूर्व में उसके साथ काम कर चुके लोगों सहित 100 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की गई।

आगरा, मथुरा, वृंदावन और ग्वालियर में पुलिसकर्मियों ने अपनी पहचान छिपाकर अलग-अलग वेशभूषा में रेकी की। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, धर्मशालाओं, मंदिरों, आश्रमों और रैन बसेरों में भी तलाश की गई। आरोपी की गिरफ्तारी पर भोपाल पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।


पहले भी अलग-अलग जगहों पर कर चुका था काम


पुलिस की जानकारी के अनुसार, आरोपी वरुण ने जयपुर, ग्वालियर और उत्तराखंड में अलग-अलग होम हेल्थ केयर एजेंसियों के माध्यम से काम किया था। जयपुर में जून 2026 में व्यवहार संबंधी शिकायत के बाद उसे काम से हटाया गया था। ग्वालियर में अगस्त 2026 में एक एजेंसी का मोबाइल फोन चोरी करने की जानकारी सामने आई। वहीं उत्तराखंड के नैनीताल में दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच एक बुजुर्ग की देखभाल के दौरान उसके व्यवहार और कथित तौर पर गला दबाने की घटना की शिकायत सामने आई थी। पुलिस के अनुसार, इन घटनाओं से संबंधित जानकारियों का सत्यापन किया गया है।

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