(सरफराज़)
भोपाल। मध्यप्रदेश इन दिनों भीषण ठंड, शीतलहर और घने कोहरे की चपेट में है। प्रदेश के कई जिलों में रात का तापमान गिरकर 2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। राजधानी भोपाल में सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात 3.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया, जो बीते 10 वर्षों का सबसे कम तापमान है। कड़ाके की ठंड ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।
प्रदेश के आधे से अधिक हिस्से में सुबह से घना कोहरा छाया रहा। कई इलाकों में दृश्यता 50 से 100 मीटर तक सिमट गई, जिससे सड़क और रेल यातायात पर व्यापक असर पड़ा। कोहरे के कारण दर्जनों ट्रेनें घंटों लेट रहीं, कुछ ट्रेनें 10 से 14 घंटे तक देरी से अपने गंतव्य पर पहुंचीं। रेलवे को एहतियातन कई ट्रेनों की रफ्तार कम करनी पड़ी, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कई जिलों में शीतलहर का प्रकोप
राजगढ़, शहडोल, उमरिया, मंडला, रीवा, पचमढ़ी और आसपास के इलाकों में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। इन क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलते दिन के तापमान में भी गिरावट आई है, जिससे सुबह-शाम ठिठुरन बढ़ गई है।
स्कूलों और जनजीवन पर असर
भीषण ठंड और कोहरे को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है, जबकि कुछ स्थानों पर अवकाश भी घोषित किया गया। ठंड के कारण सड़कों पर आवाजाही कम दिखी, बाजार देर से खुले और लोग अलाव व हीटर का सहारा लेते नजर आए।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों तक ठंड, शीतलहर और घने कोहरे के बने रहने की संभावना जताई है। विभाग ने खासकर सुबह और रात के समय वाहन चलाते वक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

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