वर्दी की धौंस में ‘मुफ्त’ ऐश: प्रधान आरक्षक ने होटल में 45 दिन तक नहीं दिया किराया, 1.5 लाख का उठाया फायदा , अब भ्रष्टाचार का केस



(शेख फ़िरोज़)

 भोपाल। ग्वालियर स्थित पुलिस ट्रेनिंग स्कूल में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज होने से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। पुलिस मुख्यालय भोपाल के सतर्कता थाने में आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 11 के तहत अपराध क्रमांक 01/26 दर्ज किया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार्रवाई से पहले की गई गोपनीय सत्यापन प्रक्रिया में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पाया गया कि संबंधित पुलिसकर्मी वर्ष 2024 में प्रतिनियुक्ति के दौरान इंदौर में पदस्थ रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग कर एक होटल में करीब डेढ़ महीने तक बिना किराया चुकाए ठहरे रहे। इस दौरान उन्होंने होटल प्रबंधन को गुमराह कर लगभग 1.5 लाख रुपये का अनुचित लाभ लिया।

इतना ही नहीं, प्रारंभिक जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ने अपने वास्तविक पद से ऊंचे अधिकारी की वर्दी पहनकर दबाव बनाने की कोशिश की, ताकि होटल प्रबंधन उनसे किराया मांगने का साहस न कर सके।

मामले में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है और पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि जांच के आधार पर आगे कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि उक्त पुलिसकर्मी पहले भी विवादों में रह चुका है। उसके खिलाफ ग्वालियर जिले में वर्ष 2021 से एक अन्य मामला दर्ज है, जिसकी जांच अभी भी लंबित है।

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