बीएमसी कथित गौकशी मामले में NSA हटने पर हिंदू संगठन ने जांच पर उठाए सवाल

 


(विशेष संवाददाता)

भोपाल। मध्या प्रदेश की राजधानी के चर्चित बीएमसी कथित गौकशी मामले में मुख्य आरोपी असलम कुरैशी उर्फ चमड़ा पर लगी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) की कार्रवाई निरस्त होने के बाद जय मां भवानी हिंदू संगठन ने पुलिस जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि मामले की शुरुआत से ही जांच में लापरवाही बरती गई, जिसका लाभ आरोपियों को मिला।

संगठन के अध्यक्ष भानु हिंदू ने कहा कि यह फैसला अप्रत्याशित नहीं है, क्योंकि केस के प्रारंभ से ही कई खामियां सामने आई थीं। उनका आरोप है कि कंटेनर पकड़े जाने के बाद एफआईआर दर्ज करने में 10 दिन से अधिक की देरी की गई, जिससे अहम साक्ष्य प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने केवल दो आरोपियों को ही चिन्हित किया, जबकि अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की गहन जांच नहीं की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कमजोर चार्जशीट पेश किए जाने के कारण पहले आरोपियों को जमानत मिली और बाद में NSA हटने से असलम कुरैशी जेल से बाहर आ गया।

हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी

जय मां भवानी हिंदू संगठन ने कहा है कि वह मामले की चार्जशीट को हाईकोर्ट में चुनौती देगा और आवश्यकता पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट का भी रुख करेगा। संगठन ने कहा कि आरोपी को सजा दिलाने के लिए सभी कानूनी और लोकतांत्रिक रास्ते अपनाए जाएंगे।

आंदोलन की चेतावनी

संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में गौवंश से जुड़ी अवैध गतिविधियां या क्रूरता की घटनाएं सामने आती हैं तो व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। साथ ही नागरिकों से भी सख्त कार्रवाई की मांग उठाने की अपील की गई है।

क्या है मामला

गत वर्ष 17 दिसंबर की रात हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने पुलिस मुख्यालय (PHQ) के पास एक कंटेनर को रोककर उसकी तलाशी ली थी। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में पैक किया हुआ मांस मिलने का दावा किया गया था, जिसे प्रतिबंधित मांस बताया गया। सूचना मिलने पर जहांगीराबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और नमूने लिए गए।

नमूनों में कथित रूप से प्रतिबंधित मांस की पुष्टि होने के बाद असलम कुरैशी को मुख्य आरोपी बनाया गया तथा चालक शोएब के साथ गिरफ्तार किया गया।

असलम करीब 70 दिन जेल में रहा। बाद में सेशन कोर्ट से जमानत मिलने पर जेल से रिहा होते ही पुलिस ने दोबारा हिरासत में लेकर उस पर NSA की कार्रवाई की थी।

NSA हटने के बाद रिहाई

हाल ही में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट सलाहकार समिति ने असलम कुरैशी पर लगी NSA कार्रवाई निरस्त कर दी। इसके बाद सोमवार देर शाम उसे भोपाल सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया। कंटेनर चालक शोएब को भी करीब 20 दिन पहले जमानत मिल चुकी है।

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