(विशेष संवाददाता)
जबलपुर। बरगी डैम क्रूज हादसे में शनिवार को सर्च ऑपरेशन के दौरान दो और शव मिलने से मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। इसके साथ ही हादसे के तीसरे दिन भी दो लोग अब तक लापता हैं, जिससे परिजनों की चिंता और बेचैनी लगातार बढ़ती जा रही है।
उम्मीद से हकीकत तक का दर्द
रेस्क्यू टीमों को हर नए सर्च के साथ किसी चमत्कार की उम्मीद रहती है, लेकिन शनिवार को मिले दोनों शवों ने इंतजार कर रहे परिवारों को गहरा झटका दिया। घटनास्थल पर मौजूद परिजन हर नाव की हलचल पर नजर टिकाए हुए हैं—इस उम्मीद में कि शायद कोई अपनों के बारे में अच्छी खबर मिल जाए।
मौसम बना सबसे बड़ी चुनौती
लगातार बदलते मौसम ने राहत कार्य को और कठिन बना दिया है। तेज हवाएं और पानी की हलचल के कारण गोताखोरों को गहराई में सर्च करने में दिक्कत आ रही है। अधिकारियों के अनुसार, कई बार सर्च ऑपरेशन को धीमा या अस्थायी रूप से रोकना पड़ रहा है।
पानी के भीतर जटिल तलाश
विशेषज्ञों का कहना है कि डैम के बैकवॉटर में तलहटी का असमान ढांचा और धुंधला पानी सर्च ऑपरेशन को और जटिल बना देता है। ऐसे में लापता लोगों का पता लगाना समय लेने वाला साबित हो रहा है।
परिवारों की बढ़ती बेचैनी
हादसे के बाद से ही लापता लोगों के परिजन मौके पर डटे हुए हैं। हर गुजरते घंटे के साथ उनकी चिंता गहराती जा रही है। प्रशासन लगातार संपर्क में रहकर उन्हें अपडेट दे रहा है, लेकिन अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
फोकस अब ‘तलाश’ पर
जहां शुरुआती दिनों में राहत और बचाव प्राथमिकता थी, वहीं अब पूरा ध्यान लापता लोगों की तलाश पर केंद्रित हो गया है। प्रशासन का कहना है कि जब तक सभी लोगों का पता नहीं चल जाता, तब तक अभियान जारी रहेगा।

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