आमजन से सतर्क रहने की अपील
(शहर संवाददाता)
भोपाल। राजधानी में मिलावटी जूस और लस्सी के बढ़ते मामलों को गंभीरता से लेते हुए खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने व्यापक अभियान शुरू किया है। मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद कलेक्टर के निर्देश पर शहर के विभिन्न इलाकों में औचक निरीक्षण किए गए, जिनमें कई प्रसिद्ध जूस सेंटर और लस्सी कॉर्नर शामिल रहे।
टीम ने लिए खाद्य पदार्थों के नमूने
न्यू फेमस एंड रेस्टोरेंट, अशोका गार्डन;
बॉम्बे जूस कॉर्नर, बरखेड़ी;
घमंडी लस्सी, एमपी नगर;
आदर्श जूस सेंटर, इंद्रपुरी;
बॉम्बे जूस सेंटर, बुधवारा;
आगरा समोसा कॉर्नर, रंगमहल चौराहा;
फेमस जूस कॉर्नर, इब्राहिमपुरा;
श्री कृष्णा लस्सी कॉर्नर, पीरगेट;
गुजरात कोल्ड ड्रिंक एंड जूस सेंटर, घोड़ा नक्कास।
इन प्रतिष्ठानों से मैंगो जूस, लस्सी, मावा से बने उत्पाद, नमकीन और मिठाइयों के नमूने एकत्र कर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजे गए हैं।
प्रशासन को मिली शिकायतों में सामने आया है कि कुछ विक्रेता जूस और शेक में कृत्रिम रंग (टार्ट्राजीन), सिंथेटिक एसेंस, थिकनर और अत्यधिक मात्रा में सैकरीन जैसे हानिकारक तत्वों का उपयोग कर रहे हैं, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक हो सकते हैं।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस निरस्तीकरण भी शामिल है।

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